रूपक अलंकार और रूपक अलंकार के उदाहरण

जब भी स्टूडेंट के सामने रूपक अलंकार आता है तो स्टूडेंट बहुत ही ज्यादा कंफ्यूज हो जाते हैं क्योंकि उन्हें अलंकार में सबसे ज्यादा कंफ्यूजन होता है आज के आर्टिकल में हम आपको रूपक अलंकार और रूपक अलंकार की परिभाषा तथा रूपक अलंकार के उदाहरण बताने वाले हैं।

हिंदी व्याकरण में रूपक अलंकार का अपना महत्वपूर्ण योगदान है अलंकार के माध्यम से भाषा को सजाया जाता है और अलंकार दो प्रकार के होते हैं शब्दालंकार और अर्थालंकार।

रूपक अलंकार की परिभाषा

रूपक अलंकार हिंदी काव्यशास्त्र का अर्थ अलंकार है और इसमें उपमान अलंकार और उमपेय में अलंकार की की एकरूपता दिखाई जाती है और इसको उपमान अलंकार का ही एक रूप माना जाता है।

जिस काव्य में उपमेय में अलंकार को उपमान अलंकार दर्शाया जाता है उसको रूपक अलंकार कहते हैं।

रूपक अलंकार की परिभाषा

रूपक अलंकार की प्रथम विशेषता है कि इसमें उपमेय में तथा उपमान अलंकार की संपूर्ण विशेषता पाई जाती है।

रूपक अलंकार की दूसरी सबसे बड़ी विशेषता इसमें वाचक शब्द का इस्तेमाल होता है जैसे सा सम आदि।

रूपक अलंकार की तीसरी यह विशेषता है कि इसमें अभेद्धार तक का इस्तेमाल किया जाता है।

रूपक अलंकार के प्रकार

बहुत सारे लोगों को रूपक अलंकार के भागों के बारे में नहीं बताया है उनकी जानकारी के लिए बता देते हैं रूपक अलंकार दो प्रकार के होते हैं।

संपूर्ण रूपक अलंकार

संपूर्ण रूपक अलंकार के अंदर वाक्य में पूर्ण विवेक दिखाया जाता है जैसे चरण कमल बंदों हरि राई।

अंश रूपक अलंकार

जब वाक्य के अंदर किसी एक अंश का इस्तेमाल किया जाता है उसे अंश रूपक अलंकार कहते हैं जैसे मुख चंद्रमा और नयन कमल है।

रूपक अलंकार का महत्व

हिंदी काव्य में रूपक अलंकार का अपना महत्व है क्योंकि अलंकार के बिना काव्य अधूरा माना जाता है अलंकार का इस्तेमाल करने से काव्य में एक नई जान आई है।

रूपक अलंकार के इस्तेमाल से काव्य प्रभावशाली बनता है मतलब कह सकते हैं कि रूपक अलंकार काव्य को प्रभावशाली बनाता है।

रूपक अलंकार का इस्तेमाल से काव्य में भावों की तीव्रता आती है।

रूपक अलंकार काव्य को कल्पना और सशक्त बनाता है।

रूपक अलंकार के उदाहरण

रूपक अलंकार के बहुत सारे उदाहरण है और आप उदाहरण से ही समझ सकते हैं कि यह रूपक अलंकार है अगर आपको रूपक अलंकार पहचानने में समस्या आती है तो आप प्रश्न को पढ़कर बहुत ही आसानी से रूपक अलंकार ढूंढ सकते हैं जिस काव्य में भी सा सी था है का प्रयोग होता है वहां पर रूपक अलंकार होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है।

पायोजी मैंने राम रतन धन पायो
बीती विभावरी जाग री
नील कंठ उसका

निष्कर्ष

रूपक अलंकार की परिभाषा और रूपक अलंकार के उदाहरण के बारे में अब आपको पता चल गया होगा और आप एग्जाम में बहुत आसानी से रूपक अलंकार को पकड़ सकते हैं और उसके उदाहरण बना सकते हैं।

Leave a Comment